आँखों में गम को छुपा कर मुस्करा रहे हो , कन्धे झुकें हुए है फिर भी तना रहे हो , बोलते हुए आवाज़ लड़खड़ा रही हैं , हालत तुम्हारी सब बता रही हैं ...Read More
इज़हार भी नहीं करती वो मुझसे प्यार भी नहीं करती , हक़ जताती है मुझ पर पुरे का पूरा , मगर खुलेआम मुझ पर अधिकार भी नहीं करती , वो रूठ जाती है तो...Read More
कभी आँसु बनकर तेरे चेहरे पर आयेंगे , कभी खवाब बनकर तेरी निदें चुराएँगे , कब तक छुपा कर रखोगी दिल में, हम जज़्बात है तुम्हारे एक दिन होंठों पर...Read More