शायरी-biwino1

अपनी हर बात पर मुझ से हामी भरवाती है ,

अपनी मनमर्जी से मेरी तनख़्वा उड़ाती है ,

कल ही बत्तीस को छुआ है उसने ,

उम्र पूछो तो सोलह बताती हैं। 

लेखक - रितेश गोयल 'बेसुध'


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