हुस्न की तारीफ़ में सभी शायरो के कलाम आ रहे हैं, हसिनाओ को देख कर सभी दिलफेंक आशिक़ों के सलाम आ रहे हैं, लगता हैं ये दौर मोहब्बत का ही हैं, तभी तो आशिक़ी के चर्चे सरेआम आ रहे हैं। लेखक- रितेश गोयल 'बेसुध'
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