घाव दिए हैं दिल पर तुमने भरते ही नहीं,आंँखों से बहते आंँसू देखो थमते ही नहीं,फिर भी हर पल आता है बस एक ख्याल तेरा,मरने से भी अब हम डरते नहीं।लेखक-रितेश गोयल 'बेसुध'
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