साल मुबारक़



होली पे गुंजिया खायी, जून में गरमी आई,
तिरंगे की शान बढाई, माखन की मटकी फोड़ बगाई,
गणेश चतुर्थी आई, फिर रावण की कि सुताई,
दीपो से ये सारी दुनिया जगमगाई,
आने वाले नववर्ष की बधाई हो बधाई।



By- Ritesh Goel 'Besudh'

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