इश्क़ का टेस्ट

इश्क़ तेरा टेस्ट कभी मीठा कभी नमकीन हैं, 
इसलिए तेरे #मरीज़ रहते सदा गमगीन हैं, 
जब तु किसी के सिर पर जवर की तरह चढ़ता हैं,
हर तरफ उसको सिर्फ #मेहबूब ही दिखता हैं,
इश्क़ तु तो एक ऐसी स्लेट हैं,
जिसमे एक के फीका पड़ते ही रहती दूसरे की टेक हैं,
#इश्क़ तेरे चक्कर में मेरे #दिल के #स्कूटर का टूट गया ब्रेक हैं,
अब ये किसी भी ठहराव पर लेता नही ब्रेक हैं,
तेरे चाहने वालों ने छत्तीस लफड़े पाले हैं, 
उन्हें देख कर सब यहीं कहते छोड़ो इन्हें ये तो #दिलजले साले हैं। 
लेखक- रितेश गोयल 'besudh'

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