शायरी

ये यु ही मस्ती में लिखा था

मैं चाहता तो नहीं हूँ, 
मगर हर बार हो जाता हैं, 
आँखे थम जाती हैं, 
जब किसी हसीना का दीदार हो जाता हैं, 
मैं क्या करूँ 🤔🤔, 
हर रोज़ एक नये चेहरे से मुझको प्यार हो जाता हैं। 

लेखक- रितेश गोयल 'बेसुध'

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