लगा लो नज़र कितनी भी, एक दिन सभी नज़र मेरी उतारेंगे, चमकूँगा अपने शहर का सितारा बनके, सब अपना कह कर मुझे पुकारेंगे। लेखक- रितेश गोयल 'बेसुध'
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