शायरी

इश्क बनकर मैं तुमको बड़ा सताऊंगा,
रातों को तुम्हारी नींदें चुराऊंगा,
कहीं महफिल में भी बैठोगी तो गुम हो जाओगी,
एक दिन मैं तुम्हें बड़ा याद आऊंगा।
 लेखक -रितेश गोयल 'बेसुध'

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