होली भजन
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
अजी नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
भर पिचकारी श्रद्धा की साथ लाईओ सब,
भक्ति के रंग से रंगेंगे कान्हा जी को संग,
ऐसा रंग चढ़ाये उन पर उतरे ना उतराए,
बरसाने में खेली होली वो कभी भूल ना पाए,
गलियो में होगा आज होली का हुड़दंग,
बरसाने में बचेगा ना कोई भी बेरंग,
क्यों........?
क्योकि नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,
नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
अजी नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
सुना है भक्तों कान्हा जी की एक है पूरी टोली,
रल-मिल कर मस्ती में खेले हैं वो होली,
क्यों ना आज हम भी शामिल उन में हो जाये,
मिल-जुल कर के सारे होली आज मनाए,
आज भीगेगी किसी की साड़ी, किसी की चुनिया-चोली,
क्यों........?
क्योकि नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,
नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
अजी नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
कान्हा जी की होली देखो देती है सन्देश,
मिल-जुल कर के साथ रहो कोन गांव कोन देश,
बेरंग इस दुनिया को रंगों से तुम भर दो,
भक्ति के रंग से ये सारी ही दुनिया रंग दो,
फिर देखो क्या धूम मचेगी,मिलेंगी खुशियां सारी,
क्यों........?
क्योकि नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,
बरसाने की गलियो में शोर मचा हैं ये,
नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
अजी नन्द को लाला आवे है होली खेलन ने,
By-Ritesh Goel 'Besudh'

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