संतान




मेरी संतान हैं वो, मेरे कल की पहचान हैं वो,
रौशन हैं मेरा घर उसके ही दम पर, मेरी जान है वो,
दुआ है मेरी तुम फैलो रोशनी की तरह इस अंधकार में,
तरक़्क़ी मिले इतनी की सारी दुनिया लगे अपने ही हाथ में,


By- Ritesh Goel 'Besudh'

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