शायरी-haryanvi

एक त होंठा प तिल बावली, 
दुजा एनक म चाँद छुपा री स, 
उपर त यो रूप गज़ब का, 
कतीए कहर ढा री स। 

लेखक- रितेश गोयल 'बेसुध'

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